रिपोर्ट प्रमाण है, अंतिम निर्णय नहीं
प्री-लॉन्च रिपोर्ट उन डिवाइस पर समस्या दिखा सकती है जो आपके पास नहीं हैं। Play Console में स्थिरता, प्रदर्शन, सुलभता और स्क्रीनशॉट के सारांश तथा विवरण देखें। पैकेज, जाँचा गया बिल्ड और टेस्ट पूरा होने की स्थिति पहचानें।
चलता हुआ या निष्पादित न हो पाया टेस्ट साफ़ परिणाम नहीं है। स्वचालित रिपोर्ट यह भी नहीं साबित करती कि किसी व्यक्ति ने क्लोज़्ड टेस्ट की आवश्यक भागीदारी पूरी की। दोनों अलग जाँच हैं।
मुख्य काम रोकने वाली समस्या पहले लें
क्रैश या प्रतिक्रिया न देने पर स्क्रीन, बिल्ड, डिवाइस और उपलब्ध ट्रेस या कदम लिखें। वर्तमान बिल्ड पर टेस्ट खाते से दोहराने की कोशिश करें। पंजीकरण, लॉगिन, मुख्य काम और डेटा सहेजने की समस्या सजावटी अंतर से अधिक महत्वपूर्ण है।
हर सुधार को मूल रिपोर्ट से जोड़ें और वही रास्ता फिर जाँचें। समस्या दोहरा न सकें तो प्रमाण और किए गए प्रयास रखें। बिना जाँच उसे हल न बताएँ। पुरानी रिपोर्ट नए बिल्ड में समस्या रहने या हटने का प्रमाण नहीं है।
सुलभता और स्क्रीनशॉट साथ देखें
बड़ा फ़ॉन्ट करने पर कटता पाठ, अस्पष्ट नियंत्रण, कम कंट्रास्ट और कठिन नेविगेशन देखें। स्क्रीनशॉट स्थिति दिखाता है, वास्तविक इंटरैक्शन की जाँच फिर भी जरूरी है। स्वचालित टेस्ट लॉगिन, अनुमति या जटिल रास्ते के पीछे की स्क्रीन तक नहीं पहुँच सकता।
प्रदर्शन के निष्कर्ष को उसी डिवाइस और टेस्ट के संदर्भ में पढ़ें। एक माप सभी उपयोगकर्ताओं का अनुभव नहीं बताता। अंक के बजाय दोहराने योग्य फ़ीडबैक के साथ तुलना करें।
तैयारी का छोटा रिकॉर्ड रखें
| निष्कर्ष | कार्रवाई | जाँच |
|---|---|---|
| मुख्य काम विफल | दोहराने योग्य कारण ठीक करें | वही काम दोहराएँ |
| पहुँच अवरुद्ध | टेस्ट लॉगिन तैयार करें | सही स्क्रीन खुलना देखें |
| लेआउट कटा | प्रभावित स्क्रीन सुधारें | वही डिवाइस और पाठ आकार जाँचें |
इस इतिहास से टेस्ट के दौरान हुए सुधार समझाएँ। अच्छी रिपोर्ट सभी नीतियों के अनुपालन या स्वचालित प्रोडक्शन मंज़ूरी की गारंटी नहीं देती।
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